कालसर्प पूजा त्र्यंबकेश्वर में गुरुजी के मार्गदर्शन में होने वाली एक दिन की वैदिक विधि है। यह उन लोगों के लिए है जिनकी कुंडली में सातों ग्रह राहु और केतु के बीच बताए गए हों।
अवधि:
1 दिन (विधि कुछ घंटों की; सटीक समय गुरुजी बताएंगे)
त्र्यंबकेश्वर में होने वाला तीन दिन का अनुष्ठान, जिसमें नारायण बली और नाग बली दोनों शामिल हैं। नारायण बली अचानक दिवंगत हुए या अधूरे अंतिम संस्कार वाले परिजन के लिए होती है, जबकि नाग बली सांप को पहुंची हानि का पारंपरिक प्रायश्चित है।
भगवान शिव के त्र्यंबक रूप को समर्पित वैदिक मंत्र का सवा लाख जाप, जो गुरुजी के मार्गदर्शन में आपके परिवार के नाम से संकल्प लेकर त्र्यंबकेश्वर में किया जाता है। यह प्रार्थना इलाज के साथ की जा सकती है, उसके स्थान पर नहीं।
अवधि:
आम तौर पर कई दिनों का अनुष्ठान। सही कार्यक्रम बुकिंग के समय गुरुजी बताते हैं।
रुद्राभिषेक पूजा त्र्यंबकेश्वर में गुरुजी के मार्गदर्शन में कराएँ: भगवान शिव का एक दिन का वैदिक अभिषेक, जिसमें रुद्र मंत्रों के पाठ के साथ शिवलिंग पर पवित्र द्रव्य अर्पित किए जाते हैं।
अवधि:
1 दिन (पूजा का निश्चित समय गुरुजी बुकिंग के समय बताते हैं)
त्र्यंबकेश्वर में होने वाली कुंभ विवाह पूजा एक छोटी, प्रतीकात्मक विवाह विधि है, जिसमें मिट्टी के कलश की स्थापना और भगवान विष्णु की प्रार्थना की जाती है। कुंडली में मांगलिक दोष की बात आने पर कई परिवार इस पर विचार करते हैं, क्योंकि परंपरागत मान्यता है कि इससे वैवाहिक जीवन पर मंगल का प्रभाव शांत होता है।
त्र्यंबकेश्वर में एक दिन का पितृ अनुष्ठान, जिसमें दिवंगत परिजनों की स्मृति में तीन पिंड अर्पित किए जाते हैं। वार्षिक श्राद्ध छूट जाने पर परिवार परंपरागत रूप से इसे चुनते हैं।